प्रख्यात फिल्म निर्देशक रितुपर्णो घोष ने 1960 में बनी गुरुदत्त की क्लासिक फिल्म 'कागज के फूल' को बांग्ला में बनाने का निर्णय किया है।पहले वह इसे हिंदी में बनाना चाहते थे और उन्होंने इसके लिए नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी का चयन किया था।फिल्म के बांग्ला संस्करण का नाम होगा 'अबाहो मन' और इसमें मुख्य भूमिकाएं निभाएंगे दीपांकर डे, ममता शंकर और अनन्या चटर्जी। इस फिल्म के मई में पूरा हो जाने की उम्मीद है।माना जाता है कि 'कागज के फूल' गुरुदत्त के निजी जीवन की समस्याओं पर आधारित थी।घोष ने कहा, "मैं लंबे समय से इस विषय पर फिल्म बनाना चाहता था। मैं चाहता था कि इसे हिंदी में बनाऊं लेकिन ऐसा नहीं हो पाया हालांकि मैं इसे बांग्ला में बना कर भी खुश हूं।"इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।(कर्टेसी: वन इंडिया)






बातचीत करने के लिए 'डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट बिगबी डॉट बिगअदा डॉट कॉम' पर लॉग ऑन कर सकते हैं।उन्हें यकीन है कि इस माध्यम से वह लोगों से सीधे तौर पर जुड़े रहेंगे।अमिताभ कहते हैं, "दर्शकों के बीच यह मेरी सच्चाइ को पहुंचाने का माध्यम होगी जो साधारणत: मीडियाकर्मियों द्वारा वहां तक पहुंच पाती है। अब मैं बिना काट- छांट अपने चाहने वालों से सीधे संपर्क में रह सकूंगा।"उन्होंने बताया, "यह एकमात्र ऐसा माध्यम होगा जिसके जरिए लोग मुझसे संपर्क साध पाएंगे। इससे मेरे बारे में कोई भी अफवाह नहीं उड़ाई जा सकेगी।"इस ब्लॉग से जुड़े रिलायंस इंटरटेनमेंट के अध्यक्ष राजेश साहनी ने कहा, "हमें खुशी है कि लोगों से जुड़ने के लिए अमिताभ ने हमारी साइट को चुना।"इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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की पहली फिल्म 'कल हो ना हो' को बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिली थी लेकिन दूसरी फिल्म 'सलाम-ए-इश्क' बेहतर नहीं कर पाई थी।वार्नर ब्रदर्स और रोहन सिप्पी निर्मित फिल्म 'चांदनी चौक टू चाइना' एक बड़े बजट की फिल्म है।
