Thursday, January 31, 2008

पिरमिड् सायिमिरा नॆ अरुणा टॆक्नालजीस् का अधिग्रहन् किया

( Courtesy:Jansatta)


मैं सिगरेट नहीं छोडूंगा: शाहरुख़ खान


(कर्टॆसी: वन् इंडिया)
भारत के स्वास्थ मंत्री अम्बुमणि रामदोस ने शाहरुख़ खान और अमिताभ बच्चन से अपील कि थी कि वे सिगरेट का सेवन बंद कर दें क्यूंकि हमारे देश कि युवा पीढ़ी पर इसका बुरा असर पड़ता है.
इससे हमारे किंग खान नाराज़ बताये जाते हैं और उन्होंने इसके जवाब में स्वास्थ मंत्री से कहा है कि वो सिगरेट का सेवन नहीं छोडेंगे.
शाहरुख़ ने कहा, 'ये मेरी ज़िंदगी है और मैं जैसे चाहे वैसे जी सकता हूँ. परदे पर हम सिर्फ़ दिखाने के लिए सिगरेट पीते हैं. असल में इतनी नहीं पीते.'
गौरतलब है कि बिग बी कि तरफ़ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है. शायद वो ये सोच रहे हैं कि आख़िर क्या जवाब दें ??

Wednesday, January 30, 2008

पॉप स्टार ब्रिटनी स्पियर्स का मानसिक संतुलन बिगड़ा


(कर्टॆसी:वॆब् दुनिया)
पॉप स्टार ब्रिटनी स्पियर्स को कुछ मानसिक परेशानी है, जिसके कारण वे एक मनोचिकित्सक के पास गईं। प्रसिद्ध लेखिका बारबरा वाल्टर्स ने बताया कि ब्रिटनी के मैनेजर और उनके अच्छे दोस्त कहे जाने वाले सैम लुत्फी ने उनसे संपर्क साधकर कहा है कि पॉप स्टार मनोचिकित्सक के पास गई थीं।
वाल्टर्स को लुत्फी ने बताया कि 26 वर्षीय ब्रिटनी को कुछ मानसिक परेशानी है, लेकिन उसका उपचार संभव है। वे (ब्रिटनी) मनोचिकित्सक के पास गई थीं और मुझे लगता है कि वे जल्दी ही अपना इलाज कराना शुरू कर देंगी।
उन्होंने बताया कि ब्रिटनी का मूड बदलता रहता है और वे रात को ठीक तरह से सो नहीं पाती हैं। वे अपनी माँ से भी संपर्क बनाए हुए हैं, क्योंकि उनकी माँ हर तरह की परिस्थितियों में ब्रिटनी का ध्यान रखती हैं। लुफ्ती के मुताबिक मैं ब्रिटनी के इर्द-गिर्द ही रहा करती हूँ और वे हम लोगों से भी संपर्क बनाए हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि 2006 के नवंबर में केविन फेडरलिन से तलाक हो जाने के बाद से ही ब्रिटनी की तबीयत खराब रहने लगी है।
ब्रिटनी कुछ दिन पहले ही स‍िर मुँडवाकर सार्वजनिक तौर पर लोगों के समक्ष पेश हुई थीं और अपने एक फोटोग्राफर मित्र को लेकर लॉस एंजिल्स की एक अदालत में पहुँच गई थीं, जहाँ उनके दो पुत्रों की जिम्मेदारी लेने का अधिकार प्राप्त करने के लिए उनका फेडरलिन के साथ मामला चल रहा है।

Tuesday, January 29, 2008

अक्षय कुमार का कुश्ती प्रेम


(कर्टॆसी: वॆब् दुनिया)
जहाँ इन दिनों ज्यादातर फिल्म अभिनेता क्रिकेट या फुटबॉल में रूचि लेते हैं, वहीं अक्षय कुमार ने कुश्ती जैसे खेल को चुना है, जो अपेक्षाकृत कम लोकप्रिय है। अक्षय कोई कुश्ती पर आधारित फिल्म में अभिनय नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्होंने पाँच पहलवानों का पूरा खर्चा उठाने की जवाबदारी अपने कंधों पर ली है।
26 जनवरी को अंधेरी स्पोर्टस कॉम्पलेक्स में वार्षिक कुश्ती का आयोजन था। कार्यक्रम में अक्षय भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान आयोजक संजय निरूपम ने अक्षय से आग्रह किया वे इस खेल के लिए कुछ मदद करें।
खिलाड़ी कुमार तो जैसे इस पल का ही इंतजार कर रहे थे। उन्होंने फौरन घोषणा कर दी कि वे पाँच खिलाडि़यों का आर्थिक जिम्मा उठाने के लिए तैयार है ताकि वे इस खेल में करियर बना सके।
अक्षय के बारे में यह जानकारी बहुत कम लोगों को पता है कि वे कुश्ती बेहद पसंद करते हैं और उनके पिता भी पहलवान रह चुके हैं। अक्षय के मुताबिक हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन पैसों के अभाव में ये आगे नहीं बढ़ पाती है। क्रिकेट या टेनिस जैसे खेलों को प्रायोजित किया जाता है और कुश्ती जैसा खेल उपेक्षित रह जाता है।
खिलाड़ी कुमार ने खेल भी पसंद किया तो एक्शन वाला। उनके इस कार्य की सराहना की जानी चाहिए।

Monday, January 28, 2008

"बालीवुड् ‍- बाध्सास्" ऎक्स् क्लूजिव् ग्यालरी










सिल्वेस्टर स्टेलोन की ब्रेव् हार्ट् फिलिम् "जॉन रेम्बो"

(कर्टॆसी: वॆब् दुनिया) (कर्टॆसी: वॆब् दुनिया)
दो दशक पूर्व सिल्वेस्टर स्टेलोन को एक्शन हीरो के रूप में बेहद पसंद किया गया था। सिल्वेस्टर के स्टाइलिश एक्शन को देख कई लोग उनके प्रशंसक बन गए थे। उनकी रेम्बो स‍िरीज की फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता मिली थी। ‘जॉन रेम्बो’ के रूप में ‍सिल्वेस्टर ने फिर इतिहास दोहराने की कोशिश की है।
फिल्म की शुरुआत में कम्बोडिया, वियतनाम, थाईलैंड और बर्मा का नक्शा दिखाया जाता है। इसके बाद बर्मा में हो रहे अत्याचार की झलक मिलती है। फिर कहानी आती है जॉन रेम्बो (सिल्वेस्टर स्टेलोन) पर, जो थाईलैंड के एक गाँव में नाविक है और उसे नदी के रास्तों का अच्छा ज्ञान है। वह जंगलों से घने साँप पकड़कर बेचता है। बर्मा में चल रहे भीषण गृहयुद्ध से उसे कोई लेना-देना नहीं है। उसका मानना है कि कुछ भी बदलना मुश्किल है।
उसके पास अमेरिकन मिशनरीज़ के कुछ सदस्य आते हैं जो उसे नदी के रास्ते से बर्मा ले चलने को कहते हैं। वे वहाँ जाकर अत्याचार के शिकार लोगों का इलाज करना चाहते हैं। उनमें दवाइयाँ और धार्मिक किताबें बाँटना चाहते हैं। रेम्बो पहले तो उनकी सहायता करने से इंकार कर देता है, लेकिन बाद में साराह (जूली बेंज) के समझाने पर मान जाता है। वह उन्हें छोड़कर वापस आ जाता है।
कुछ दिनों बाद उसे आर्थर मार्श बताता है कि वह दल वापस नहीं लौटा है और उनके बारे में कोई सूचना भी नहीं है। आर्थर कुछ भाड़े के ‍सैनिकों को नदी के रास्ते से वहाँ पहुँचाने के लिए रेम्बो को कहता है। रेम्बो यह काम कर देता है। वह चाहता है कि वह भी उनके साथ उस दल की खोज करे, लेकिन भाड़े के सैनिक मना कर देते हैं।
रेम्बो फिर भी जाता है और मुसीबत से घिरे भाड़े के सैनिकों की जान बचाता है। इस घटना के बाद वे उसे अपने साथ शामिल कर लेते हैं। रेम्बो और उसके साथियों को पता चलता है कि साराह और माइकल के दल को पकड़ लिया गया है। रेम्बो मुट्‍ठीभर साथियों के साथ कई गुना बड़ी सेना से मुकाबला करता है और दल को सुरक्षित वापस ले आता है।
फिल्म के पहले घंटे में बर्मा में हो रहे अत्याचारों को दिखाया गया है कि किस तरह बर्मा की सेना बेगुनाह और मासूम लोगों को बिना किसी अपराध के कीड़े-मकोड़ों की तरह मार डालती है। उनकी क्रूरता और बर्बरता को परदे पर जस का तस पेश करने की कोशिश की गई है। वे लोगों के हाथ, पैर, सिर गाजर-मूली की तरह काट देते हैं। जिंदा आदमी को भूखे सूअरों को खाने को दे देते हैं।
शुरुआत में धीमी गति से चलने वाली फिल्म उस समय गति पकड़ती है जब रेम्बो के एक्शन देखने को मिलते हैं। फिल्म का क्लॉयमैक्स उम्दा है जब अकेला रेम्बो पूरी सेना से मुकाबला कर विजयी होता है।
फिल्म की कहानी इस तरह से लिखी गई है कि रेम्बो को अपनी बहादुरी दिखाने का मौका मिले। बर्मा में चल रहे गृहयुद्ध से उसे कोई मतलब नहीं है। उद्देश्यहीन जिंदगी जी रहे रेम्बो को अमेरिकन मिशनरीज़ के दल को बचाने का मकसद मिल जाता है। अचानक वह क्यों बदल जाता है, ये स्पष्ट नहीं है। शायद उसे साराह के प्रति हमदर्दी रहती है, इसीलिए वह अपनी जान जोखिम में डालता है।
फिल्म थाईलैंड के घने जंगलों में फिल्माई गई है। अँधेरे घने जंगल, गहरी नदी, घनघोर बारिश और वहाँ छाई हुई चुप्पी फिल्म को प्रभावशाली बनाने में मदद करते हैं।
सिल्वेस्टर स्टेलोन अब बूढ़े और धीमे हो गए हैं। उन्होंने फिल्म में बेहद कम संवाद बोले हैं। पूरी फिल्म में उन्होंने एक जैसी मुखमुद्रा बनाकर रखी है। उनके ज्यादातर एक्शन दृश्यों में लाइट काफी कम रखा गया है ताकि कमजोरियों को छिपाया जा सके। जूली बेंज़, पॉल शूल्ज, मैथ्यू मार्डसन ने सिल्वेस्टर का साथ अच्छी तरह निभाया है। ग्लेन मक्फर्सन का कैमरा वर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। एक्शन दृश्यों की जितनी सराहना की जाए कम है। सारे दृश्य वास्तविक लगते हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म को प्रभावशाली बनाता है।
कुल मिलाकर ‘जॉन रेम्बो’ उन अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती जितनी कि दर्शकों को इस फिल्म को लेकर थी। एक्शन फिल्म पसंद करने वालों को जरूर अच्छी लग सकती है।
निर्माता : अवी लेर्नर, केविन किंग, जॉन थॉम्पसन
निर्देशक : सिल्वेस्टर स्टेलोन
कलाकार : सिल्वेस्टर स्टेलोन, जूली बेंज, सेम एलियट, मैथ्यू मार्डसन, पॉल शुल्ज़

Friday, January 25, 2008

मनी है तो दोस्ती है:ईशा कोप्पिकर


(कर्टॆसी:वॆब् दुनिया)
हाल ही में एक फिल्म में अक्षय कुमार की जगह ईशा कोप्पिकर को ले लिया गया। आप सोच रहे होंगे कि एक नायक की जगह नायिका कैसे ले सकती है? लेकिन बात हो रही है आयटम सांग की। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ‘स्वामी’ जैसी फिल्म के असफल होने के बाद मसाला फिल्म ‘मनी है तो हनी है’ बना रहे हैं।
इस फिल्म में गोविंदा, सेलिना जेटली और हंसिका प्रमुख भूमिकाएँ निभा रहे हैं। हाल ही में इसी फिल्म के सेट पर गोविंदा ने एक लड़के को थप्पड़ मारा था और विवादों का केन्द्र बने थे।
अपनी इस फिल्म का वज़न बढ़ाने के लिए गणेश ने इसमें एक आयटम सांग शामिल करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने अक्षय कुमार को अनुबंधित किया जो कि इन दिनों सफलता के रथ पर सवार हैं।
अक्षय और गणेश की जान-पहचान पुरानी है और इसी दोस्ती के नाते अक्षय ने हाँ कहा। अक्षय को भनक पड़ी कि गणेश उनके नाम का उपयोग कर फिल्म को ऊँचे दामों में बेचने की सोच रहे हैं।
अक्की ठहरे प्रोफेशनल आदमी। उन्होंने फौरन आयटम सांग करने के दाम बता दिए। उनके द्वारा माँगी गई रकम इतनी ज्यादा थी कि गणेश घबरा गए। गणेश ने सोचा था कि अक्षय दोस्ती की खातिर मुफ्त में ही काम कर देंगे।
गणेश ने अक्षय को लेने का विचार छोड़ा और ईशा कोप्पिकर को इस गाने को करने के लिए मना लिया। ईशा इस समय खाली है और उसके पास ज्यादा काम नहीं है। खल्लास गर्ल ईशा के साथ इस गाने में गणेश भी नजर आएँगे।

Wednesday, January 23, 2008

मुज् कॊ शादी की ज‌ल्दी न‌ही:कैटरीना कैफ

सलमान खान की गर्लफ्रेंड कैटरीना कैफ का कहना है कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती है। कैटरीना के अनुसार उसकी उम्र बहुत कम है और वह इस समय काम को प्राथमिकता देना चाहती है।
सलमान से अपने संबंधों के बारे में कैटरीना ज्यादा कहना पसंद नहीं करती है। कैटरीना हमेशा कहती है कि वह और सलमान केवल अच्छे दोस्त हैं। कुछ दिनों पहले इस बात की चर्चा थी कि सलमान और कैटरीना जल्दी ही शादी करने वाले हैं।
सलमान से दोस्ती के बाद कैटरीना ने केवल समय बिताने के उद्देश्य से फिल्मों में काम करना मंजूर किया था। उसे तब हिंदी बोलना भी नहीं आती थी। लेकिन जब लगातार कैटरीना की फिल्मों को सफलता मिलने लगी तो इससे उसका उत्साह बढ़ा और अभिनय के प्रति उसकी रूचि जागी। इन दिनों कैटरीना डिमांड में है और अपनी सफलता का आनंद उठा रही है। शायद इसीलिए उसने अपनी शादी की योजना को कुछ वर्षों के लिए टाल दिया है।

Tuesday, January 22, 2008

करीना कपूर् का सेक्सी बिकिनी लुक




यशराज फिल्म्स की फिल्मों में कलाकार वो सब करने के लिए तैयार हो जाते हैं जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया होता। ‘धूम 2’ में बिपाशा बसु ने पहली बार बिकिनी पहनी थी और अब करीना ने ‘टशन’ में इसी किस्से को दोहराया है।
इस बात की चर्चा पहले से ही थी कि करीना ‘टशन’ में पहली बार बिकिनी में नजर आएगी। करीना को यह बात फिल्म साइन करते समय ही बता दी गई थी। करीना ने अपना फिगर शेप में लाने के लिए डाइट चार्ट का सख्ती से पालन किया और व्यायाम भी किया। इससे उसका वजन कम हुआ और वह सुंदर दिखाई देने लगी।
‘टशन’ के निर्माताओं को उम्मीद है कि करीना को बिकिनी में देखने के लिए उसके प्रशंसक सिनेमाघरों में टूट पड़ेंगे। पिछले दिनों ग्रीस में इस फिल्म की शूटिंग के दौरान करीना पर यह शॉट लिया गया। उस समय सेट पर करीना के बॉयफ्रेंड सैफ अली खान भी मौजूद थे। सैफ ने पिछले दिनों अपने हाथ में करीना के नाम का टैटू गुदवाया है जिसकी इन दिनों काफी चर्चा है।